छत्तीसगढ

Green Flagged : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना सर्वाेच्च प्राथमिकता, हाईटेक सिस्टम का अधिकाधिक उपयोग कर दुरुस्त करेंगे ट्रैफिक व्यवस्था

रायपुर, 12 जुलाई। Green Flagged : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सिस्टम को हाईटेक कर हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने आज अपने आवास से 15 नए इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलते हुए यातायात नियमों का पालन सुरक्षित यात्रा की गारंटी देता है और इससे अन्य वाहन चालकों में भी सुरक्षा का भाव पैदा होता है। बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए हमें यातायात नियमों का पालन करने के लिए अधिक सचेत और गंभीर होने की आवश्यकता है। नियमों का पालन कर हम न केवल अपने बल्कि सहयात्रियों के अधिकारों का भी सम्मान करते हैं।

इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक अनुज शर्मा और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाहनों की उपयोगिता और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी भी ली।

इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हर वर्ष हजारों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं और कई लोगों में स्थाई दिव्यांगता आ जाती है। इस समस्या का समाधान समाज के सभी वर्गों के सहयोग से हो सकता है। यातायात नियमों का पालन कर वाहन चालक न केवल अपना व अपने परिवार बल्कि समाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी को सौंपी  इंटरसेप्टर वाहनों की चाबी

नियमों का पालन करने से सड़कों पर अनुशासन और व्यवस्था बनी रहती है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति से बचा जा सकता है। गंतव्य तक की यात्रा सुखद और सुरक्षित अनुभव के साथ पूरी होती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नए इंटरसेप्टर वाहनों से नियमों का पालन न करने वालों पर निगरानी रखी जाएगी। हमारा उद्देश्य चालान वसूलना नहीं बल्कि लोगों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक व सचेत करना है।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी को सौंपी  इंटरसेप्टर वाहनों की चाबी

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण के लिये सर्वसुविधायुक्त इंटरसेप्टर वाहनों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, ताकि ओवर स्पीडिंग, नशे में वाहन चलाना, निर्धारित मापदण्ड से अधिक चकाचौंध के हेड लाईट्स, वाहन में लगे ध्वनि यंत्रों की तेज आवाज मापने तथा वाहनों के ग्लास में निर्धारित मापदण्ड से अधिक गहरी काली फिल्म लगाकर अपराध करने वाले वाहन चालको के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके। 15 नवीन इंटरसेप्टर वाहन मिलने से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को चिन्हित कर कार्यवाही की जा सकेगी। इन वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्र तथा 360 डिग्री निगरानी हेतु सर्विलांस कैमरा भी है, जिससे सड़क दुर्घटना के मामले में कानून व्यवस्था की स्थिति की बेहतर निगरानी और सुगम यातायात प्रबंधन की कार्यवाही भी कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी को सौंपी  इंटरसेप्टर वाहनों की चाबी

राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा निधि प्रबंधन समिति की अनुशंसा पर राज्य शासन से प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत सड़क सुरक्षा कोष मद से इन वाहनों का प्रबंध किया गया है। वर्तमान में नवीन इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती जिला रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, रायगढ़ सरगुजा, जगदलपुर, कांकेर में की जा रही है। इन 15 जिलों में इंटरसेप्टर वाहनों के संचालन हेतु कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

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